अमरोहा, मार्च 12 -- अमरोहा, संवाददाता। शहर में कई स्थानों पर दामाद-ए-रसूल हजरत अली की शहादत पर मजलिसों का सिलसिला चला। सेहरी के बाद गमगीन माहौल में जगह-जगह शबीह-ए-ताबूत बरामद हुए। शहादत का वाकया सुनकर लोगों की आंखें नम हो गईं। फिजा में रातभर या अली-या अली सदाओं की गूंज आती रही।मंगलवार देर रात शहर के मोहल्ला शफातपोता स्थित इमाम बारगाह हुसैनिया में मौलाना डॉ.सैयद अहसन अख्तर सरोश ने मजलिस को संबोधित किया। शहादत का बयान सुनकर मजलिस में या अली-या अली की सदाएं बुलंद होने लगी। जुलूस में अंजुमन बनी हाशिम ने नौहा पढ़ा। वहीं, नमाज फज्र के बाद से ही मस्जिदों और इमाम बारगाहों में मजलिस और ताबूत की जियारत का सिलसिला शुरू हो गया। मोहल्ला दानिशमंदान स्थित मस्जिद काजी सैय्यद मोहम्मद फैयाज में मौलाना अजहर अब्बास ने शहादत बयान की और शबीहे ताबूत का जुलूस बर...