मऊ, मार्च 11 -- घोसी, हिन्दुस्तान संवाद। तहसील अंतर्गत नगर क्षेत्र के बड़ागांव शिया मोहल्ले में बुधवार की भोर से ही हजरत अली की शहादत के मौके पर पूरे दिन जुलूस का सिलसिला चला। हजरत अली की नमाज की हालत में इब्ने मुलजिम मलऊन द्वारा तलवार से हमला कर उनको मार दिया गया था। उसी की याद में 21 रमजान को उनके परिवार को श्रद्धाजंलि दी गई। कार्यक्रम में शामिल अंजुमनों ने नौहाख्वानी भी किया।पहले ताबुत शिया जामा मस्जिद से भोर में निकला उसके बाद मौलाना मुज्तबा हुसैन उसके बाद हाजी कौशर अली के वहां से ताबूत निकाला गया। उसके बाद इमाम बाड़ा जैनबिया के रास्ते सदर इमाम बारगाह पर पहुंचा। ताबुत हजरत अली की याद में निकाला गया। वो अली जो दामाद पैगम्बर मुहम्मद थे वो अली जो गरीबो के हमदर्द थे। जिनकी चार वर्ष की हुकूमत में किसी के साथ अन्याय नहीं हुआ। इनकी चार साला हु...
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