बलरामपुर, मार्च 5 -- बलरामपुर, संवाददाता। प्रतिभा किसी पहचान की मोहताज नहीं होती। इसका उदाहरण प्राथमिक विद्यालय धर्मपुर के सहायक अध्यापक जय शेखर ने प्रस्तुत किया है। उन्हें मुंबई के नेहरू कला केंद्र में आयोजित समारोह में एचटी हंसा पारेख फाउंडेशन द्वारा स्थापित हंसा पारेख लाइब्रेरियन अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस सम्मान के तहत उन्हें 50 हजार रुपये की धनराशि एवं प्रशस्ति-पत्र प्रदान किया गया है। बलरामपुर जिले में तैनात शिक्षक जय शेखर को यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार विद्यालय में पुस्तकालय गतिविधियों को बढ़ावा देने और बच्चों में पठन-पाठन की रुचि विकसित करने के लिए दिया गया है। जय शेखर 'पराग' द्वारा संचालित लाइब्रेरी एजुकेटर कोर्स के पूर्व छात्र भी रह चुके हैं। 'पराग' बच्चों के लिए साहित्य एवं पुस्तकालय को बढ़ावा देने की पहल है, जिसे टाट...
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