नई दिल्ली, जनवरी 15 -- किसी भी राष्ट्र के सर्वांगीण विकास के लिए आम नागरिकों को प्रदान की जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं का निपुण चिकित्सकों द्वारा संचालित किया जाना अपेक्षित होता है। अक्षम और अयोग्य चिकित्सकों के भरोसे स्वास्थ्य सेवाओं को नहीं छोड़ा जा सकता। चिकित्सकों को विशेष रोगों का विशेषज्ञ बनने के लिए एमडी व एमएस पाठ्यक्रम पूरा करना अनिवार्य है, जिसके लिए उनको नीट परीक्षा पास करनी पड़ती है। पीजी में प्रवेश के लिए अर्हता के मापदंड पूर्व-निर्धारित हैं, जिनके अनुसार अनारक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए पचास प्रतिशत और आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थियों के लिए चालीस प्रतिशत अंक अनिवार्य बनाया गया था। हालांकि, इस बार पीजी पाठ्यक्रम में प्रवेश हेतु हजारों सीटें अभ्यर्थियों द्वारा न्यूनतम अर्हता पूरी न कर पाने के कारण खाली रह जाने की आशंका थी, जि...