संतकबीरनगर, मई 15 -- संतकबीरनगर, निज संवाददाता। जिला अस्पताल की इमरजेंसी रात आठ बजते ही दलालों के हवाले हो जाती है और फिर शुरू होता है दवा का काला कारोबार। इमरजेंसी के चिकित्सक दिल खोल कर बाहर की दवा लिखते हैं और जांच भी। जांच और इलाज के नाम पर गोरखधंधा खूब फल फूल रहा है। अस्पताल में भले ही सीसीटीवी कैमरा लगा हुआ है, लेकिन अस्पताल प्रशासन की नजर उन पर नहीं पड़ती हैं। यह भी पढ़ें- महनार सीएचसी में सख्ती, डॉ. पूनम बनीं प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारीघटना का विस्तार यही कारण है कि इमरजेंसी में हंगामे के बाद भी दवा और पैथोलाजी के दलालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं हुई। यह भी पढ़ें- स्वास्थ्य टीम ने दवा दुकान को किया सीलडॉक्टर और फार्मासिस्ट के बीच विवाद दो दिन पूर्व फार्मासिस्ट और डाक्टर के बीच हुए गाली गलौज के बाद मामला तूल पकड़ लिया है। डाक्टर की ...