भदोही, जनवरी 11 -- भदोही, संवाददाता। शहर के रजपुरा स्थित निरंकारी सत्संग भवन में रविवार को सत्संग का आयोजन किया गया। जिसमें बड़ी संख्या में आसपास के गांवों, बाजार के लोगों ने भाग लिया। अंत में प्रसाद का वितरण किया गया। पन्नालाल ने कहा कि ब्रह्म ज्ञान की प्राप्ति के उपरांत हृदय से जब भक्त और भगवान का नाता जुड़ जाता है, तभी वास्तविक रूप में भक्ति का आरंभ होती है। स्वयं को इसी मार्ग की ओर अग्रसर करना है, जहां भक्त और भगवान का मिलन होता है। भक्ती केवल एक तरफा प्रेम नहीं यह तो ओत-प्रोत वाली अवस्था है। जहां भगवान और भक्त के प्रति अनुराग का भाव प्रकट करते हैं, वहीं भक्त भी अपने हृदय में प्रेमाभक्ति का भाव रखते हैं। यदि हम किसी स्वार्थ की पूर्ति के लिए ईश्वर की स्तुति करते हैं, तो वह भक्ति नहीं कहलाती। भक्ति तो हर पल, हर कर्म को करते हुए ईश्वर की...