शाहजहांपुर, अप्रैल 7 -- शाहजहांपुर, संवाददाता। शुद्ध वायु का सेवन श्वसन प्रणाली को मजबूत बनाता है, जिससे शरीर को अधिक ऑक्सीजन और प्राण शक्ति प्राप्त होती है। इससे व्यक्ति निरोगी और सकारात्मक बना रहता है, साथ ही मस्तिष्क को अधिक ऑक्सीजन मिलने से सोचने और ध्यान केंद्रित करने की क्षमता भी बढ़ती है। ये विचार मुमुक्षु शिक्षा संकुल के अधिष्ठाता स्वामी चिन्मयानंद ने स्वामी शुकदेवानंद कॉलेज में सतत वायु गुणवत्ता निगरानी उपकरण के उद्घाटन अवसर पर व्यक्त किए। उन्होंने अथर्ववेद का उल्लेख करते हुए कहा कि "अपो वात औषधयः" अर्थात वायु और जल पवित्र हैं और प्राकृतिक औषधियों के समान हैं। इसलिए इन्हें स्वच्छ बनाए रखने के साथ-साथ उनकी सतत निगरानी भी अत्यंत आवश्यक है। कॉलेज के प्राचार्य प्रोफेसर आर.के. आजाद ने कहा कि वायु गुणवत्ता का प्रभाव केवल स्वास्थ्य तक स...