जमुई, जुलाई 30 -- जमुई। कार्यालय संवाददाता जिले में कृषि-वानिकी की बेहतर संभावनाओं के दृष्टिकोण से एक अत्यंत उत्साहजनक समाचार सामने आया है। स्वामी निरंजनानंद योग केंद्र परिसर में दुनिया की सबसे महंगी और विशिष्ट आम की किस्मों में शुमार 'मियाज़ाकी' का सफल उत्पादन हुआ है। यहाँ रोपे गए पौधे ने मात्र नौ महीने के भीतर न केवल फल दे दिए, बल्कि वे पककर पूरी तरह तैयार भी हो गए हैं। इस अनूठे प्रयोग की जानकारी देते हुए आश्रम के स्वामी आत्मानंद स्वरूप जी महाराज ने बताया कि सामान्यतः मियाज़ाकी या अन्य उन्नत किस्म के आमों में कलम (ग्राफ्टिंग) बाँधने की प्रक्रिया पहले गमलों या नर्सरी में पूरी की जाती है, और पौधा तैयार होने के बाद उसे ज़मीन में रोपा जाता है। परंतु यहाँ एक बिल्कुल नई तकनीक अपनाई गई। परिसर में ज़मीन पर सीधे उगे एक बीजू आम के पौधे के तने पर ...