वाराणसी, जुलाई 1 -- वाराणसी। स्वर्वेद महामंदिर धाम में सद्गुरु कबीर प्राकट्य महोत्सव का मंगलवार को समापन हुआ। संत प्रवर विज्ञान देव महाराज ने कहा कि जब तक हम अपने भीतर का अंधकार नहीं समझेंगे, तब तक बाहर का प्रकाश अधूरा है। संत कबीर की वाणी हमें बाहर नहीं, भीतर झांकने का दृष्टिकोण देती है। कहा कि विवेक, धैर्य, क्षमा और शांति मनुष्य के आभूषण हैं। व्यवहारिक जीवन में इनका प्रयोग किया जाना चाहिए। मानव में परस्पर प्रेम और सद्भावना जरूरी है। यह भी पढ़ें- स्वर्वेद महामंदिर धाम में सद्गुरु कबीर प्राकट्य महोत्सव का मंगलवार को समापन हुआ। यह भी पढ़ें- Bhagalpur News समाज की कुरीतियों को दूर करने के लिए कबीर का हुआ अवतरण : आगमानंद यह भी पढ़ें- कबीर को सिर्फ पढ़ने की नहीं, गुनने की भी जरूरत : त्रिवेदी

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