स्वयं सहायता समूह से जुड़ कृषि और मजदूरी के चक्रव्यूह से निकलीं गंगामनी महतो
सराईकेला, मई 15 -- सरायकेला, संवाददाता। सीमित आय की बेड़ियों को आत्मनिर्भरता के हौसले से काटकर, हेसालोंग गांव की गंगामनी महतो ने न केवल अपने परिवार की तकदीर बदली है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की एक नई और जीवंत इबारत लिख दी है। जिला अंतर्गत कुकड़ू प्रखंड के हेसालोंग गांव की रहने वाली गंगामनी महतो ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता एवं स्वरोजगार की दिशा में एक उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। आज वे अपने गांव एवं आसपास के क्षेत्रों में महिला सशक्तिकरण की एक अनुपम मिसाल बन चुकी हैं। ---अभावों से आत्मनिर्भरता तक का सफर
अभावों से आत्मनिर्भरता तक का सफर वर्ष 2020 में गठित यमुना आजीविका सखी मंडल से जुड़ने से पूर्व गंगामनी महतो के परिवार की स्थिति अत्यंत सामान्य थी। उनका परिवार मुख्य रू...
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