नई दिल्ली, सितम्बर 9 -- देश के पहले मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर अब जापानी तकनीक के स्थान पर स्वदेशी सिग्नल सिस्टम से देसी बुलेट ट्रेन फर्राटा भरेगी। केंद्र सरकार ने जापान की सिग्नलिंग सिस्टम की जगह भारत की स्वदेशी अत्याधुनिक ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन तकनीक कवच 4.0 को लागू करने का बड़ा फैसला किया। सरकार के इस रणनीतिक कदम से सिग्नलिंग में करीब 4,000 करोड़ रुपये की बचत होगी। वहीं, रेल यात्री विश्वस्तरीय सुविधाओं से देसी बुलेट ट्रेन में किफायती सफर का लुफ्त उठा सकेंगे। रेलवे बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस फैसले का मुख्य कारण जापानी सिग्नलिंग प्रणाली का क्लोज्ड प्रोपराइटरी पेंच था। जापान अपनी सिग्नल तकनीक का सोर्स कोड भारत के साथ साझा करने या ट्रांसफर ऑफ टेक्नोलॉजी (टीओटी) देने को तैयार नहीं था। इसेस अगले 30-40 वर्षों तक...