हल्द्वानी, सितम्बर 12 -- हल्द्वानी, मुख्य संवाददाता। वन संरक्षण के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए हल्द्वानी वन प्रभाग ने उत्तराखंड में पहली कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) आधारित 'फॉरेस्ट अकॉस्टिक सर्विलांस सिस्टम' का इस्तेमाल शुरू कर दिया है। यह स्वदेशी तकनीक रियल-टाइम में अवैध पेड़ कटान, शिकार और संदिग्ध मानवीय गतिविधियों को पकड़ने के साथ-साथ वन्यजीवों की ध्वनियों की भी निगरानी करेगी।

नवीनतम तकनीक यह अत्याधुनिक प्रणाली एआई, एज कम्प्यूटिंग, ध्वनिक सेंसर और आधारित लंबी दूरी की वायरलेस संचार तकनीक पर काम करती है। यह सौर ऊर्जा संचालित बैटरियों से लैस है, जिससे यह बिना मोबाइल नेटवर्क और बिजली ग्रिड के भी दुर्गम जंगलों में 24 घंटे निर्बाध कार्य कर सकती है। पारंपरिक गश्त की तुलना में यह प्रणाली जंगल में एक डिजिटल कान की तरह काम करती है...