प्रयागराज, दिसम्बर 14 -- इंडिगो बुक्स की ओर से रविवार को कर्नलगंज स्थित परिसर में 'किताब पर बात और लेखक से मुलाकात' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के प्रो. संतोष भदौरिया की पुस्तक 'अंग्रेजी राज और हिंदी की प्रतिबंधित पत्रकारिता' पर मुख्य रूप से वक्ताओं के बीच चर्चा हुई। चर्चा की खासियत रही कि इसमें पाठक ही वक्ता भी थे और श्रोता भी। वक्ताओं में कोई विशिष्ट लोग नहीं बल्कि आम छात्र और शोधार्थी शामिल हुए। चर्चा के दौरान वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान पत्रकारिता महज खबरें पहुंचाने का माध्यम नहीं थी बल्कि जन-जागरण और वैचारिक प्रतिरोध का एक रणनीतिक मोर्चा थी। ब्रिटिश सरकार इस बात को भलीभांति समझती थी कि अखबारों में छपे शब्द सोई हुई आवाम को जगाने व संगठित करने की ताकत रखते हैं। चर्च...