प्रयागराज, फरवरी 27 -- प्रयागराज। मार्च में शुरू होने वाले स्वच्छ सर्वेक्षण में पोर्टल पर लोड किए गए हर आंकड़े का भौतिक सत्यापन होगा। पोर्टल पर दर्ज आंकड़े के आधार पर ही शहरवासियों से केंद्र सरकार की टीम पूछताछ करेगी। पोर्टल पर आंकड़े, भौतिक सत्यापन और शहरवासियों से पूछताछ में भिन्नता मिली तो शहर को माइनस मार्किंग मिलेगा। स्वच्छ सर्वेक्षण शुरू होने के पहले गुरुवार को नगर निगम के नए भवन में एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में लखनऊ से आए विशेषज्ञ पीके श्रीवास्तव ने नगर निगम और जलकल के अधिकारी व इंजीनियरों को स्वच्छ सर्वेक्षण में प्रयागराज की रैंकिंग सुधार को लेकर आवश्यक सुझाव दिए। विशेषज्ञ ने बताया कि किस प्रकार केंद्रीय टीम जांच करेगी। कार्यशाला के बाद विशेषज्ञ ने बताया कि इस बार स्वच्छ सर्वेक्षण का दायरा व्यापक किया गया है। इसमे...
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