गिरडीह, जून 24 -- जमुआ, प्रतिनिधि। कागजों पर दौड़ते स्वच्छता अभियान और जमीनी हकीकत के बीच का फासला देखना हो, तो जमुआ चौक चले आइए। यहाँ करोड़ों के बजट वाले 'स्वच्छ भारत' के दावों की धज्जियाँ उड़ती साफ देखी जा सकती हैं। स्थिति यह है कि जमुआ चौक का मुख्य गोलंबर अब 'अघोषित कचरा पॉइंट' बन चुका है। कोडरमा रोड समेत चौक के चारों तरफ सिर्फ और सिर्फ कूड़े के पहाड़ नजर आ रहे हैं।

खूबसूरती पर कचरे का ग्रहण: डिवाइडर बने कूड़ेदान प्रशासन ने जिस चौक और डिवाइडर को इलाके के सौंदर्यीकरण के लिए बनवाया था, आज लोग उसी डिवाइडर के बीच में कचरा फेंक रहे हैं। डस्टबिन की अनुपलब्धता के कारण आम राहगीर और दुकानदार सड़क के बीचो-बीच कूड़ा फेंकने को मजबूर हैं। नतीजा यह है कि सड़कें संकरी हो रही हैं और हर वक्त बड़ी दुर्घटना का साया मंडराता रहता है।

दुकानों के आगे बजबजा...