मधुबनी, फरवरी 1 -- मधुबनी,हिन्दुस्तान टीम। स्वचालित कविगोष्ठी मधुबनी का मासिक आयोजन प्रो. जेपी सिंह के आवासीय परिसर, आर. के. कॉलेज गेट, मधुबनी में साहित्यश्री प्रीतम निषाद की अध्यक्षता एवं उदय जायसवाल के संचालन में आयोजित हुई। समीक्षा डा. विनय विश्वबंधु ने किया। आरंभ में संचालक उदय जायसवाल ने सभी कवियों का स्वागत, बीते वर्ष की अनुभूति तथा नये वर्ष की शुभकामनाएं एवं गांधी की पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित किया। गोष्ठी की शुरुआत रेवती रमण झा 'सरस्वती पूजाक चंदा' से हुई। वेदानंद साह की प्रेरणास्पद लघुकथा 'अच्छी कविता' सब का ध्यान आकृष्ट किया। दयानंद झा 'ऋतु बसंत फूली सरसों' बसंत से रूबरू कराया। प्रो. जेपी सिंह 'दीपक की सूली कबतक चढ़ता रहे पतिंगा' सारगर्भित रचना खूब सराही गई। राणा ब्रजेश 'ई लहका केकर लगाइल रहे', पंकज सत्यम 'मैं साहित्य का पथि...