लखनऊ, मई 8 -- भवनों की स्वगणना में अगर कोई गलती हो जाती है तो घबराने की जरूरत नहीं है। लोग अपनी त्रुटियों को पांच बार तक सुधार सकेंगे। यहां तक कि जब जनगणना कर्मी घर पर पहुंचेगा तब भी पूरा डाटा बदला जा सकेगा। हालांकि घर के मुखिया के नाम में संशोधन की सुविधा नहीं होगी। यह बात शुक्रवार को नगर निगम मुख्यालय के बाहर झण्डीवाले पार्क में आयोजित स्व जनगणना कार्यों के शुभारंभ के मौके पर जनगणना निदेशक शीतल वर्मा ने कही। इसका शुभारम्भ नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने किया। उन्होंने बताया कि 7 मई से शुरू हुई स्वगणना प्रक्रिया में लोग 21 मई तक खुद अपने भवन और परिवार का विवरण ऑनलाइन भर सकेंगे। इसके बाद 22 मई से जनगणना कर्मी घर-घर जाकर सत्यापन और गणना का काम शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति से पहले कोई गलती हो गई है तो वह उसे सुधार सकता है। जन...
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