नई दिल्ली, अक्टूबर 2 -- बहादुर पायलट स्मित मच्छार के माता-पिता को जब अपने बेटे की बहादुरी के बारे में पता चला तो उनकी पहली भावना डर थी। कुछ ही मिनटों में उन्होंने खुद को संभाला और तुरंत मंदिर चले गए। पायलट के पिता भूपेंद्र मच्छार ने अपनी जिंदगी के उन सबसे मुश्किल घंटों को याद करते हुए कहा कि हमने भगवान से प्रार्थना की कि चाहे जो हो, कोई बुरी खबर न आए और भगवान मेरे बेटे को बचा लें। यह भी पढ़ें- आसमान में खौफ की पूरी कहानी, जानिए Flydubai की फ्लाइट में कब क्या-क्या हुआबहादुरी का श्रेय भगवान को दिया बहादुर पायलट स्मित मच्छार ने कॉकपिट के अंदर अपने सह-पायलट के कुल्हाड़ी से किए गए हमले का सामना किया। इस दौरान उन्होंने यात्रियों की जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। फिलहाल वह अबू धाबी के एक अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। यह भी पढ़ें- स्मित मच्छार क...