लखनऊ, जनवरी 13 -- स्मार्ट प्रीपेड मीटरों का खर्च बिजली दरों में डालने पर नियामक आयोग ने बिजली कंपनियों से जानकारी तलब की है। आयोग ने बिजली कंपनियों पर द्वारा अगले वित्तीय वर्ष की बिजली दरें तय करने के लिए दाखिल वार्षिक राजस्व आवश्यकता (एआरआर) प्रस्ताव पर कार्रवाई शुरू कर दी है। बिजली कंपनियों का जवाब मिलने के बाद आयोग उनका परीक्षण करेगा और फिर सुनवाई करके बिजली दरें तय करेगा। बिजली कंपनियों द्वारा दाखिल एआरआर पर नियामक आयोग ने बड़े पैमाने पर कमियां चिह्नित करके बिजली कंपनियों और पावर कॉरपोरेशन से जवाब-तलब किया है। तमाम बिंदुओं पर मांगे गए स्पष्टीकरण में स्मार्ट मीटर का मुद्दा सबसे अहम है। पुराने घरों में लगे मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने की योजना का खर्च उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाना था। हालांकि, केंद्र सरकार से आए पत्र के बाद बिजली कंपन...