लखनऊ, मार्च 11 -- अगर स्मार्ट मीटर का बैलेंस ऋणात्मक होने की वजह से बिजली कटती है तो पर्याप्त राशि के रीचार्ज के दो घंटे के भीतर कनेक्शन स्वत: जोड़ना होगा। अगर ऐसा नहीं होता है तो संबंधित बिजली कंपनी को 50 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से मुआवजा देना होगा।वर्ष 2019 के स्टैंडर्ड ऑफ परफॉर्मेंस रेगुलेशन (मुआवजा कानून) में इसकी व्यवस्था दी गई है। रेगुलेशन की धारा 16.11.1 के मुताबिक अगर किसी उपभोक्ता की बिजली आपूर्ति बिजली बिल के भुगतान न होने के कारण काटी गई है, तो उपभोक्ता द्वारा बकाया राशि जमा करने के बाद लाइसेंसी को तुरंत बिजली बहाल करनी होगी। जहां स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए गए हैं, वहां उपभोक्ता द्वारा रीचार्ज करने के 2 घंटे के भीतर बिजली आपूर्ति बहाल करना अनिवार्य है। अगर रीचार्ज के 2 घंटे के भीतर बिजली नहीं जोड़ी जाती है, तो बिजली कंपनियों को ...