नई दिल्ली, अगस्त 24 -- तकनीक के इस दौर में कैमरे वाले स्मार्ट ग्लासेस (स्मार्ट चश्मे) निजता और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं। सोशल मीडिया पर ऐसे कई वीडियो डाले गए हैं जिनमें मेटा और रे-बैन के स्मार्ट चश्मों का इस्तेमाल स्कूल-कॉलेजों में पढ़ने वाले छात्र बिना सहमति रिकॉर्डिंग और जासूसी के लिए कर रहे हैं। यह प्रवृत्ति अमेरिका, भारत सहित दुनिया के कई देशों में बढ़ रही है। इस प्रवृत्ति ने साइबर बुलिंग, प्राइवेसी और सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। दायरा सिर्फ अनजाने में रिकॉर्डिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि लड़के इन स्मार्ट चश्मों को पहनकर लोगों का पीछा करते हैं, उनके लुक्स पर तंज कसते हैं और भद्दे प्रैंक्स के वीडियो बना रहे हैं। कई मामलों में, आर्टिस्ट्स के पैंतरों की नकल करते हुए लड़कियों से उनके फोन नंबर मांगने और उन्ह...