प्रयागराज, अगस्त 11 -- प्रतियोगी छात्र प्रतिनिधिमंडल ने टीजीटी, पीजीटी, असिस्टेंट प्रोफेसर समेत लोक सेवा आयोग और अन्य भर्ती बोर्डों की परीक्षाओं से जुड़े मामलों की त्वरित सुनवाई के लिए स्पेशल फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल के शीतला प्रसाद ओझा ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक, गलत अथवा विवादित प्रश्नों से जुड़े मामले लंबे समय तक न्यायालय में लंबित रहते हैं। इससे अभ्यर्थियों को वर्षों इंतजार करना पड़ता है और उनकी उम्र भी बढ़ती जाती है। उन्होंने असिस्टेंट प्रोफेसर विज्ञापन संख्या-51 का उदाहरण देते हुए कहा कि 2022 में जारी विज्ञापन की परीक्षा 2025 में हुई थी। विवाद के बाद परीक्षा निरस्त कर दोबारा कराई गई और मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया। यह भी पढ़ें- परीक्षा में टॉप किया, घास-मिट्टी खाने को मजबूर! केरल में अभ्य...