देवरिया, अप्रैल 7 -- देवरिया, निज संवाददाता। निजी स्कूलों की भारी भरकम फीस अभिभावकों की कमर तोड़ रही है। इन स्कूलों में कक्षा एक की पढ़ाई, डिग्री कॉलेजों के स्नातक और परास्नातक से करीब दस गुना महंगी है। जिला प्रशासन स्तर से निगरानी नहीं होने के चलते निजी स्कूल संचालक मनमाने तरीके से फीस वसूल रहे हैं। जिले में 7 सौ अधिक निजी स्कूल संचालित हैं, जिनमें कुछ स्कूलों में नर्सरी से पांच तो कुछ में इंटरमीडिएट तक की पढ़ाई होती है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने की दम भरने वाले इन स्कूलों में सभी अभिभावकों के अपने बच्चे का एडमिशन कराना बस की बात नहीं है। कारण भारी-भरकम फीस है। आलम यह है कि कक्षा एक में प्रवेश शुल्क, बारह माह की फीस, ड्रेस, जूता, बेल्ट व कॉपी-किताब में करीब 60-70 हजार रूपए लग जाते हैं। इसके अलावा स्कूल बस का किराया अलग से है। सरकारी डिग्...
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