मुजफ्फरपुर, नवम्बर 29 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। जिस छात्र ने स्नातक इंडस्ट्रियल केमेस्ट्री में किया, उसे डिग्री माइक्रोबायोलॉजी की दे दी गई। बीआरए बिहार विवि में शुक्रवार को यह मामले सामने आने के बाद विश्वविद्यालय के हीलाहवाली की चर्चा फिर तेज हो गई। मामला आरडीएस कॉलेज के छात्र सुशील कुमार का है। उसने बीआरए बिहार विवि प्रशासन पर गंभीर लापरवाही और अनियमितता का आरोप लगाया। छात्र का कहना कि चार महीने चक्कर काटने के बाद उसे डिग्री मिली, वह भी किसी काम की नहीं है। सुशील ने सत्र 2015-2018 में बैचलर ऑफ इंडस्ट्रियल केमेस्ट्री से स्नातक पूरा किया था। स्टेट का फॉर्म भरने के लिए विश्वविद्यालय में अपनी डिग्री बनवाने के लिए आवेदन दिया था। इसके बाद वह चार महीने तक डिग्री का इंतजार करते रहा। काफी भाग-दौड़ के बाद जब डिग्री मिली तो यह गड़बड़झाला सा...