सिमडेगा, अप्रैल 2 -- सिमडेगा, प्रतिनिधि। जिले में बढ़ते जलसंकट के बीच अब लोगों का धैर्य जवाब देने लगा है। शहर से लेकर गांव तक लोग प्रशासन से साफ तौर पर नियमित जलापूर्ति, नए चापाकल लगाने, खराब चापाकल-जलमीनार की मरम्मत और टैंकर व्यवस्था को दुरुस्त कराने की मांग कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि हर साल गर्मी में यही स्थिति बनती है। लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया। जिले में बढ़ती गर्मी के साथ जलसंकट ने गंभीर रूप ले लिया है। शहर से लेकर सुदूर गांवों तक पेयजल की किल्लत ने आमजन का जीवन मुश्किल कर दिया है। सुबह होते ही पानी भरने के लिए नलों और चापाकलों पर लंबी कतारें लग रही हैं। कई जगहों पर जलस्तर इतना नीचे चला गया है कि चापाकल भी जवाब देने लगे हैं। जिससे लोगों को दूर-दराज के स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। शहरी इलाकों में जलापूर्ति ...