धनबाद, अगस्त 15 -- आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर सह सेंटर फॉर गंगा रिवर बेसिन मैनेजमेंट एंड स्टडीज के फाउंडिंग हेड प्रो. विनोद तारे ने शुक्रवार को आईआईटी धनबाद में कहा कि देश की प्रमुख नदियों के कायाकल्प की शुरुआत स्थानीय जल स्रोतों और वाटर बॉडीज को बेहतर बनाने से होनी चाहिए। गंगा, यमुना, ब्रह्मपुत्र, गोदावरी, कृष्णा, नर्मदा और महानदी जैसी नदियों में प्रदूषण का एक बड़ा हिस्सा स्थानीय वाटर सिस्टम्स, ड्रेन्स और छोटी धाराओं के जरिए पहुंचता है। ऐसे में स्थानीय वाटर सिस्टम्स को मजबूत करना डाउनस्ट्रीम रिवर्स की इकोलॉजिकल हेल्थ सुधारने में अहम भूमिका निभा सकता है। आईआईटी धनबाद के सेंचुरी लेक्चर सीरीज और मिशन लाइफ के तहत गुरुवार को व्याख्यान का आयोजन किया गया। आयोजन को आईआईटी कानपुर के डिपार्टमेंट ऑफ सिविल इंजीनियरिंग के प्रोफेसर प्रो. विनोद तारे ने ...