लखनऊ, मई 31 -- लखनऊ। राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने मुख्य सचिव के आधिकारिक ईमेल पत्र भेजकर 'स्थानांतरण नीति शासनादेश 2026' के बिंदु-12 पर कार्मिक विभाग की ओर से स्पष्ट किए जाने की मांग की है। परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी बताया कि शासनादेश के बिंदु 12 में मान्यता प्राप्त संगठनों के अध्यक्ष, सचिव जिसमें जनपद शाखा के अध्यक्ष एवं सचिव भी सम्मिलित हैं, उनके निर्वाचन की तिथि से दो वर्ष तक स्थानांतरण से मुक्त रखने के निर्देश निर्गत किए गए हैं। नियम के बावजूद खाद्य रसद विभाग में मंत्री और सदस्यों को दो अलग-अलग पद मानते हुए स्थानांतरण का गलत आदेश जारी कर दिया गया। इसलिए शासन इस बिंदु को तत्काल स्पष्ट करे ताकि कर्मचारियों को इसका सही लाभ मिल सके।

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