प्रयागराज, मार्च 31 -- UP News: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि 'स्त्रीधन' पर महिला का पूर्ण अधिकार होता है और उसे लेने के लिए पत्नी के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात (धारा 406 आईपीसी) का मामला नहीं चलाया जा सकता। कानपुर नगर की अनामिका तिवारी की याचिका स्वीकार करते हुए न्यायमूर्ति चवन प्रकाश ने कहा कि विवाह से पहले, विवाह के समय या उसके बाद महिला को जो भी संपत्ति दी जाती है, वह उसका 'स्त्रीधन' होती है और उस पर केवल उसी का अधिकार रहता है। कोर्ट ने कहा कि पत्नी को अपने स्त्रीधन का उपयोग या निपटान अपनी इच्छा से करने का पूरा अधिकार है। कोर्ट ने कहा कि पति आवश्यकता पड़ने पर इसका उपयोग कर सकता है लेकिन उसका नैतिक दायित्व है कि वह इसे या उसकी कीमत वापस करे। मामले के अनुसार याची के पति ने याची और उसके परिवार वालों के खिलाफ आरोप लगाया था कि पत्नी और उसके...