कानपुर, जुलाई 27 -- कानपुर। प्रमुख संवाददाता ब्रेन स्ट्रोक अचानक होने वाली बीमारी जरूर है, लेकिन इसके पीछे कई सालों की लापरवाही छिपी होती है। स्ट्रोक की चपेट में आने वाले करीब 80 फीसदी मरीज पहले से ही हाई ब्लड प्रेशर और डायबिटीज जैसी बीमारियों से जूझ रहे होते हैं। अनियंत्रित बीपी, बढ़ती शुगर, धूम्रपान, खराब खानपान, तनाव और बिगड़ी दिनचर्या मस्तिष्क की नसों को कमजोर कर स्ट्रोक का खतरा बढ़ा रहे हैं। हैलट पीजीआई में आयोजित दो दिवसीय एनएसआईबीओई एंडोवैस्कुलर कार्यशाला के अंतिम दिन रविवार को देशभर से आए न्यूरो विशेषज्ञों ने स्ट्रोक से बचाव, आधुनिक इलाज और नई तकनीकों की जानकारी साझा की।

स्ट्रोक के जोखिम कारक जीबी पंत नई दिल्ली की न्यूरो विभागाध्यक्ष डॉ. अनीता जगेटिया ने बताया कि स्ट्रोक के ज्यादातर मरीजों में पहले से ही बीपी और शुगर की समस्या पा...