मुजफ्फरपुर, अगस्त 14 -- मुजफ्फरपुर। राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र (एनआरसीएल), मुशहरी ने स्टिंक बग के प्रभावी प्रबंधन के लिए बोचहां में एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया। निदेशक डॉ. बिकाश दास ने कहा कि प्रकोप से पहले पहचान और निगरानी जरूरी है। पिछले साल मीनापुर, मेहसी और पूर्वी चंपारण में इस कीट से फसल को नुकसान हुआ था। प्रशिक्षण में किसानों को कीट की पहचान, सर्वेक्षण और समेकित प्रबंधन की जानकारी दी गई। किसानों से अपील की गई कि बिना विशेषज्ञ सलाह के कीटनाशक का प्रयोग न करें। यह भी पढ़ें- Buxar News: जैव उर्वरक का करें उपयोग, मिट्टी की बढ़ेगी क्षमता

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