मुजफ्फरपुर, मई 7 -- मुशहरी, हिसं। मीनापुर प्रखंड में गुरुवार को राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र मुशहरी के वैज्ञानिकों की टीम ने लीची बागानों का निरीक्षण किया। कई बागानों में स्टिंक बग के अत्यधिक प्रकोप के कारण लगभग 40 प्रतिशत तक फसल क्षति हुई है। कुछ बागानों में 90 प्रतिशत तक फल का नुकसान हुआ। प्रभावित पेड़ों में सूखी एवं फलविहीन सूखे मंजर देखे गए, जो फूल एवं प्रारंभिक फल विकास अवस्था में कीट के तीव्र प्रकोप को दर्शाता है। किसानों ने बताया कि लगातार कीटनाशी छिड़काव के बावजूद कीट नियंत्रण में अपेक्षित सफलता नहीं मिल पा रही है। वैज्ञानिकों ने बताया कि स्टिंक बग के वयस्क कीट अत्यधिक प्रवासी प्रकृति के होते हैं, जिसके कारण एक बागान में छिड़काव के बाद यह कीट पास के बिना छिड़काव वाले बागानों में चले जाते हैं तथा बाद में पुनः लौटकर फसल को नुकसान ...