नई दिल्ली, अगस्त 18 -- आजकल स्कूल-कॉलेज में रैगिंग या बुलिंग को लेकर कई सख्त कानून बन चुके हैं लेकिन फिर भी कुछ जगहों पर बच्चे शरारत में रैगिंग करते हैं। पहले बच्चे पेट दर्द, सिर दर्द जैसे बहाने बनाकर स्कूल न भेजने के लिए कहा करते थे लेकिन आजकल रैगिंग के डर के मारे अलग बहाने बनने लगे हैं। अगर आपका बच्चा स्कूल से आने के बाद डरा हुआ रहता है, सुस्त रहता है या फिर स्कूल न जाने के लिए बोलता है, तो इन चीजों को हल्के में न लें। बच्चे से खुलकर बात करें और उसे रैगिंग या बुलिंग के बारे में बताने के लिए कहें। 5 ऐसी बातें हैं, जो हर पेरेंट्स को अपने बच्चों से जरूर कहनी चाहिए, चलिए इनके बारे में आपको बताते हैं।रैगिंग या बुलिंग का मतलब क्या है रैगिंग का मतलब होता है कि सीनियर्स किसी भी तरह से परेशान करें या फिर सभी के आगे शर्मिंदा कर दें। बुलिंग कई तरह...