नई दिल्ली, अगस्त 17 -- गुजरात के अहमदाबाद शहर से एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने स्कूली शिक्षा और धार्मिक भावनाओं के बीच की महीन लकीर को एक बार फिर बहस के केंद्र में ला खड़ा किया है। शिलज इलाके में स्थित आनंद निकेतन स्कूल इन दिनों नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई की किताब 'आई एम मलाला' को लेकर मुसीबत में घिर गया है। स्कूल की लाइब्रेरी में यह किताब मौजूद होने पर कुछ अभिभावकों और विश्व हिंदू परिषद (वीएचपी) जैसे संगठनों ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद अहमदाबाद सिटी डिस्ट्रिक्ट एजुकेशन डिपार्टमेंट ने स्कूल के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी।विरोध की जड़ में क्या था मामला टाइम्स नाउ की रिपोर्ट की मानें तो प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि बच्चों को ऐसी किताब पढ़ने के लिए मजबूर किया जा रहा था जिसे वे धार्मिक नजरिए से आपत्तिजनक मानते हैं। यह विवाद ...