लखीसराय, अप्रैल 11 -- कजरा, एक संवाददाता। क्षेत्र के कई निजी स्कूलों में शिक्षा का केंद्र अब व्यापार का रूप लेता नजर आ रहा है। स्कूल प्रबंधन पर आरोप है कि वे परिसर के अंदर ही स्टेशनरी दुकान संचालित कर रहे हैं, जहां किताबें, कॉपियां, पेन, जूते और यूनिफॉर्म जैसी आवश्यक सामग्री बाजार दर से कहीं अधिक कीमत पर बेची जा रही है। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत के साथ ही अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। उनका कहना है कि स्कूल द्वारा निर्धारित दुकान से ही सामग्री खरीदने का दबाव बनाया जाता है। बाहर से सामान खरीदने पर कई बार बच्चों को अप्रत्यक्ष रूप से परेशान किया जाता है या मना कर दिया जाता है। एक अभिभावक ने बताया कि बाजार में जो किताब 300 रुपये की मिलती है, वहीं स्कूल में 450 से 500 रुपये में दी जा रही है। कॉपियां और जूते भी महंगे हैं, लेकिन मजबूरी में...