मधुबनी, जून 17 -- मधुबनी,एक संवाददाता। जिले के कई स्कूलों और कॉलेजों में पिछले कुछ वर्षों से प्रायोगिक (प्रैक्टिकल) परीक्षाएं प्रयोगशाला कक्षों के बजाय सामान्य क्लासरूम में आयोजित की जा रही हैं। छात्रों का आरोप है कि प्रयोगात्मक गतिविधियों के बिना केवल लिखित और मौखिक परीक्षा लेकर प्रैक्टिकल की औपचारिकता पूरी की जा रही है, जिससे उनके व्यावहारिक ज्ञान और कौशल का समुचित विकास नहीं हो पा रहा है।

छात्रों की समस्याएं छात्रों का कहना है कि प्रैक्टिकल परीक्षा का उद्देश्य सैद्धांतिक ज्ञान को वास्तविक परिस्थितियों में परखना होता है, लेकिन अधिकांश शिक्षण संस्थानों में संसाधनों और उपकरणों के अभाव के कारण यह उद्देश्य पूरा नहीं हो रहा है। आरके कॉलेज के स्नातक पांचवे सेमेस्टर के विज्ञान विषय के छात्र राजेश कुमार,अमित कुमार, मनीष कुमार ने बताया कि कॉलेज...