मुजफ्फरपुर, अक्टूबर 7 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। स्कूल की आया दीदी से लेकर ड्राइवर अंकल तक विशेष जरूरत वाले बच्चों की पहचान करना सीखेंगे। सीबीएसई ने सभी स्कूलों को इसका निर्देश दिया है।

बच्चों की पहचान के लिए कोर्स बच्चों की पहचान करने को लेकर 30 मिनट का एक कोर्स मॉड्यूल बनाया गया है। सभी स्कूलों से इसपर रिपोर्ट मांगी गई है। बुधवार को विद्यालय कर्मचारियों के लिए समावेशी शिक्षा पर संवेदीकरण मॉड्यूल की स्क्रीनिंग भी सीबीएसई की ओर से कराई गई। केवल शिक्षक ही नहीं, बल्कि विद्यालय कर्मचारियों के बीच संवेदनशीलता, सहानुभूति और समावेशी दृष्टिकोण विकसित करने के लिए यह पहल की गई है। विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के लिए समावेशी शिक्षा पर 30 मिनट का एक संवेदीकरण मॉड्यूल (वीडियो) विकसित किया गया है। यह मॉड्यूल सभी शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों क...