चमोली, दिसम्बर 23 -- मैं अंदर से बाहर को आ रहा था तभी भालू ने पीछे से हमला कर दिया। मैंने पीछे देखा और किसी तरह उसके चुंगल से निकलकर मैं आगे को दौड़ा तो आगे एक और भालू हाथ फैलाए खड़ा था। उसने मुझे दबोच लिया और जंगल की तरफ भागने लगा। लेकिन मैं अचानक झाड़ियों में फंस गया और भालू जंगल की तरफ भाग गया। ये रोंगटे खड़े करने वाली घटना सोमवार को उत्तराखंड के चमोली जिले में पोखरी स्थित हरिशंकर जूनियर हाईस्कूल में पढ़ने वाले 11 साल के आरव ने सुनाई। ये बातें बताते वक्त आरव के चेहरे पर किसी तरह का भय नहीं था। मासूम आरव को पता नहीं था कि वह मौत के मुंह से बचकर लौटा है और उसे दूसरा जीवन मिला है। आपबीती सुनाते हुए आरव अपनी कमर में आए जख्म, हाथ में लगी चोटें दिखा रहा था। आरव के चेहरे में आंसू नहीं थे लेकिन साथ के बच्चे इस खौफनाक मंजर से उबरने के बावजूद बी...