गुड़गांव, सितम्बर 12 -- गुरुग्राम,साक्षी रावत। स्कूल में बच्चे कितने सुरक्षित हैं, इसका जवाब अब केवल फायर एक्सटिंग्विशर, सीसीटीवी कैमरों या सुरक्षा गार्डों की संख्या से नहीं मिलेगा। यह देखा जाएगा कि अचानक आग लगने, किसी आपदा के आने या किसी बच्चे के घायल होने पर स्कूल कितनी जल्दी और कितनी प्रभावी तरीके से स्थिति संभाल सकता है। प्रयोगशाला में रसायनों के साथ काम करते समय सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं, स्कूल बस में आपातकालीन स्थिति से निपटने की तैयारी कैसी है और विद्यार्थियों को प्राथमिक उपचार की जानकारी दी जाती है या नहीं। इन तमाम पहलुओं की पड़ताल अब राष्ट्रीय स्तर की स्कूल सेफ्टी अवॉर्ड योजना में होगी। गुरुग्राम समेत हरियाणा के स्कूलों को पहली बार व्यापक सुरक्षा मानकों पर अपनी तैयारियां दिखाने का मौका मिल रहा है। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड न...