मोतिहारी, जनवरी 22 -- नये साल में अप्रैल माह से निजी विद्यालयों में नये सत्र की पढ़ाई शुरू हो जाएगी। नये सत्र शुरु होने पर बच्चे आगे के वर्ग में अपनी पढ़ाई शुरु करेंगे। अप्रैल माह करीब आते देख अभिभावक जेब पर पड़नेे वाले बोझ को लेकर चिन्तित हैं। निजी स्कूलों में यह व्यवस्था रहती है कि हर साल री एडमिशन अलग से कराना होगा। इसके अलावा किताब-कॉपियों को बदल दिया जाता है। कॉपी किताब ऐसी है कि अगले वर्ग में उसका उपयोग नहीं किया जा सकता है। स्कूलों के अलग अलग किताब के दुकानदार होते हैं जहां उनके स्कूल का ही किताब मिलेगा। उसमें मूल्य की बढ़ोतरी की गयी रहती है। अभिभावक रंजीत गिरि ने बताया कि निजी विद्यालयों की ओर से बार बार री एडमिशन,किताब, पोशाक आदि के नाम पर समाज का शोषण किया जाता है। अभिभावकों की कहीं सुनी नहीं जाती है। अभिभावक को मजबूर कर दिया जात...