गिरडीह, जून 17 -- जमुआ, प्रतिनिधि। वज्रपात की घटना से बच्चों को बचाने के लिए वर्ष 2008-2009 में लाखों रुपए खर्च कर जमुआ प्रखंड क्षेत्र में कुल 334 प्राथमिक, मध्य एवं उच्च विद्यालयों में बड़े ही तामझाम के साथ तड़ित चालक लगाया गया था। उस समय एक तड़ित चालक का मूल्य लगभग 15 हजार रुपए था। तड़ित चालक लगाने का मुख्य उद्देश्य था-स्कूल के ऊपर किसी भी हाल में वज्रपात की घटना न हो। तड़ित चालक लगने के बाद स्कूल के बच्चे अपने आपको वज्रपात के मामले में सुरक्षित महसूस कर रहे थे। लेकिन यह जानकर आपको आश्चर्य होगा कि दो तीन साल के अंदर लगभग 80 प्रतिशत विद्यालय में तड़ित चालक यंत्र की चोरी हो गई। यह भी पढ़ें- बोकारो के 640 सरकारी स्कूल वज्रपात के खतरे में इसको लेकर विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने संबंधित थाना में अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला भी दर्ज करवाया ...