जमशेदपुर, अगस्त 27 -- झारखंड शिक्षा विभाग ने स्कूली बच्चों में वैज्ञानिक सोच और नवोन्मेषी विचारों (इनोवेटिव आइडियाज) को बढ़ावा देने के लिए सख्त कदम उठाया है। इसके तहत सभी सरकारी विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और प्रभारी प्रधानाध्यापकों को अपने स्कूलों से अनिवार्य रूप से विद्यार्थियों को जूनियर वैज्ञानिक के रूप में तैयार करने और उनके मॉडल प्रोजेक्ट्स को पोर्टल पर पंजीकृत कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। शिक्षा विभाग का मुख्य उद्देश्य बच्चों के भीतर छिपी वैज्ञानिक प्रतिभा को उभारना और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करना है। जिला शिक्षा पदाधिकारी पूर्वी सिंहभूम निशु कुमारी द्वारा जारी आदेश के अनुसार, सभी कोटि के माध्यमिक एवं प्लस टू विद्यालयों (निजी एवं अल्पसंख्यक विद्यालयों सहित) को इंस्पायर अवार्ड मानक योजना ...