लखनऊ, अगस्त 9 -- ज्ञान प्रकाश, हिन्दुस्तान, लखनऊ। यूपी में युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं में स्कूल स्तर से तैयार करने की जिम्मेदारी आईएएस-आईपीएस और आईएफएस अफसर निभाएंगे। इंटरमीडिएट (11वीं-12वीं) स्तर के विद्यार्थियों को सीधे आईएएस, आईपीएस और आईएफएस के युवा अधिकारियों से मार्गदर्शन पाने का मौका मिलेगा। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने इस संबंध में 'शीर्ष प्राथमिकता' का शासनादेश जारी करते हुए सभी जिलाधिकारियों को इसे सख्ती से लागू करने के निर्देश दिए हैं। हर महीने कम-से-कम एक स्कूल का दौरा करने का शासनादेश जारी कर दिया गया है। अफसर प्रत्येक माह कम से कम एक इंटरमीडिएट स्कूल का अनिवार्य रूप से भ्रमण करेंगे। यह नियम सिर्फ सरकारी (राजकीय) स्कूलों पर ही नहीं, बल्कि अशासकीय, वित्तविहीन और निजी स्कूलों पर भी समान रूप से लागू होगा। जिलाधिकारियों को हर महीने...