मुजफ्फरपुर, फरवरी 13 -- मुजफ्फरपुर, कुंदन कुमार। सूबे में सोशल मीडिया पर वायरल हुए विवादित वीडियो और पोस्ट पुलिस नहीं खोज पा रही है। पुलिस ने जिन वायरल वीडियो और पोस्ट को आधार बनाते हुए थानों में एफआईआर दर्ज की है, उन्हें बतौर साक्ष्य 10 साल बाद भी कोर्ट में प्रस्तुत नहीं कर पा रही है। पुलिस की इस सुस्ती पर गृह विभाग ने नाराजगी जाहिर की है। विभाग ने अब सभी जिलों के डीएम और एसएसपी/एसपी को इन मामलों के आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में साक्ष्य प्रस्तुत करवाने का निर्देश दिया है। गृह विभाग के विशेष सचिव के सुहिता अनुपम नाराजगी जताते हुए कहा है कि 102 कांडों में आरोपियों के खिलाफ इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जैसे वीडियो और पोस्ट प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। इस कारण आरोपित पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं और उन्हें सजा नहीं हो रही है। विशेष सचिव ने सभी डीएम व एसपी ...