बुलंदशहर, अप्रैल 16 -- कस्बे के शिवालय देवी मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के सातवें दिन कथा वाचक प्रीति प्राप्ति देवी ने भगवान श्री कृष्ण के महाभारत से जुड़े प्रसंग सुनाये। बताया कि भगवान दुष्टों को सुधरने का अवसर प्रदान करते हैं। शिशुपाल की सौ गलतियों को भगवान श्रीकृष्ण ने क्षमा कर दिया। परंतु एक सौ एक वीं गलती करने पर अपने सुदर्शन चक्र से वध कर दिया। उसी दौरान भगवान श्रीकृष्ण की अंगुली से रक्तस्राव होने पर द्रोपदी ने अपना चीर फाड़कर भगवान श्री कृष्ण की अंगुली पर बांधी। जिसके फलस्वरूप द्रोपदी के चीरहरण के दौरान भगवान श्रीकृष्ण ने द्रोपदी की लाज बचाई। कथा में महाभारत से संबंधित अन्य प्रसंग सुनाये। जिनमें बताया कि भगवान ने शांति बनाने के लिए स्वयं शांतिदूत बनकर पहल की। परंतु दुर्योधन की दुष्टता के चलते युद्ध को रोका नहीं जा सका। महाभार...
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