सौहार्द पूर्वक मनाई गई बकरीद
गंगापार, मई 28 -- बहरिया विकास खंड के विभिन्न गांवों में त्याग व बलिदान का त्योहार ईद उल अजहा बड़े ही सौहार्द एवं शांति पूर्वक मनाया गया। पैगंबर इब्राहिम अलैहिस्सलाम की सुन्नत को अदा करते हुए पूरे दुनिया के मुसलमान इस बलिदान व त्याग के त्यौहार को तीन दिनों तक मनाया करते हैं। बहरिया के सिकंदरा स्थित ईदगाह पर ईद उल अजहा की नमाज सुबह सात बजे अदा की गयी जहां पर हाफिज शहादत हुसैन ने बताया कि इस त्योहार पर केवल जानवरों की कुर्बानी करना कुर्बानी नहीं कहलाता बल्कि इंसान के अंदर जो भी हसद, बुराई, बेईमानी, रिश्वतखोरी, हराम की कमाई, जुआ गीबत किसी भी तरीके का नशा को भी मन व जिस्म से त्याग करना असल में कुर्बानी होती है। यह भी पढ़ें- नफरत को त्याग करना भी कुर्बानी है : समर शादाब नमाज के बाद वहां मौजूद लोगों ने एक दूसरे को गले लगाकर कर ईद उल अजहा की मुब...
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