महाराजगंज, अप्रैल 22 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। जिला पर्यावरण संरक्षण के मामले में मॉडल बनकर उभर रहा है। सौर ऊर्जा का बढ़ता दायरा, सघन पौधरोपण व अमृत सरोवरों के माध्यम से जल संरक्षण की त्रिवेणी ने जिले में कार्बन उत्सर्जन की रफ्तार थाम ली है। जिले में हर माह 280 मेगा यूनिट सौर बिजली का उत्पादन हो रहा है। विशेषज्ञों के अनुसार सोलर ऊर्जा के इस स्तर के उत्पादन से करीब 2.38 लाख टन कार्बन उत्सर्जन में कमी आएगी। यह उपलब्धि 1.1 करोड़ पूर्ण विकसित पेड़ों द्वारा सोखे जाने वाले कार्बन के बराबर मानी जा रही है।जिला प्रशासन के जागरूकता अभियान से जनपद में सौर क्रांति की कमान अब निजी व सरकारी दोनों क्षेत्र संभाल रहे हैं। यह भी पढ़ें- सात सौ तालाब सूखे, नदियों का भी जलस्तर गिरा जिले के 150 कमर्शियल संस्थानों में 15-15 किलोवाट के सोलर प्लांट लगाए गए है...