धनबाद, मई 11 -- धनबाद, वरीय संवाददाता। अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना के साथ वट सावित्री का व्रत इस वर्ष विशेष संयोग में मनाया जाएगा। ज्येष्ठ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि पर यह पर्व 16 मई को मनाया जाएगा। इस दिन सौभाग्य योग और शोभन योग का शुभ संयोग बनने से व्रत और पूजा का महत्व कई गुना बढ़ गया है। इसी दिन शनि जयंती भी मनाई जाएगी, जिससे दिन का धार्मिक महत्व और अधिक बढ़ गया है। हालांकि इस वर्ष अमावस्या तिथि का क्षय हो रहा है। पंचांग के अनुसार अमावस्या तिथि का प्रवेश 15 मई की देर रात 1.31 मिनट पर होगा, जबकि 16 मई की सुबह 5.11 मिनट से प्रतिपदा तिथि प्रारंभ हो जाएगी। उदया तिथि के आधार पर 16 मई को ही वट सावित्री का व्रत मनाया जाएगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पर्व और व्रत में सूर्योदय काल की तिथि को मान्यता दी ज...