नैनीताल, दिसम्बर 8 -- नैनीताल, संवाददाता। हाईकोर्ट ने नाबालिग सौतेली पुत्री से दुराचार के आरोपी पिता को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है। न्यायमूर्ति पंकज पुरोहित की एकलपीठ ने रुद्रपुर की पॉक्सो फास्ट ट्रैक कोर्ट की ओर से 5 दिसंबर 2025 को सुनाई गई 10 वर्ष की कठोर कारावास की सजा को रद कर दिया। आरोपी के खिलाफ पीड़िता की ओर से 17 अप्रैल 2019 को किच्छा थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया था। सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने पाया कि अभियोजन पक्ष के दो प्रमुख गवाह पीड़िता और उसकी मां अपने पूर्व बयानों से मुकर गए। पीड़िता ने अदालत में कहा कि उसने पुलिस के डर से धारा 164 सीआरपीसी के तहत बयान दिया था और वह स्वैच्छिक नहीं था। वहीं, उसकी मां ने किसी भी यौन उत्पीड़न की घटना की जानकारी होने से साफ इनकार कर दिया। कोर्ट ने मेडिकल साक्ष्यों ...
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