बागपत, अगस्त 15 -- बड़ौत। आचार्य आर्जव सागर महाराज ने अजितनाथ सभागार में धर्मसभा में कहा कि सौंदर्य प्रसाधनों से लेकर दवाइयों तक में पशुओं के रक्त व अंगों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इनके बढ़ते उपयोग से पशु हत्या को बढ़ावा मिल रहा है। कहा कि गाय दूध देना बंद कर देती है तो थोड़े से पैसों के लोभ में लोग उसे कसाई के हाथ बेच देते हैं। मूक जीवों के प्रति दया और परोपकार की भावना जरूरी है। अहिंसक जीवनशैली के लिए स्वयं को जागृत करना होगा। धर्म को आत्मसात करने से ही सच्चा सुख और शांति मिल सकती है। सभा में मुकेश जैन, प्रदीप जैन, नवीन जैन, वरदान जैन, जितेंद्र जैन,अंकुर जैन, विकास जैन आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।

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