बलरामपुर, मार्च 20 -- गैसड़ी। सोहेलवा जंगल के बीच स्थित रहिया देवी मंदिर थारू जनजाति की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। थारू समाज इस मंदिर में विराजमान देवी को अपनी कुलदेवी मानकर पूजा करता है, जबकि क्षेत्र के अन्य लोग उन्हें वनदेवी के रूप में श्रद्धा अर्पित करते हैं। घने जंगलों के बीच स्थित यह मंदिर प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक वातावरण के कारण श्रद्धालुओं को विशेष आकर्षित करता है। मंदिर का इतिहास काफी पुराना बताया जाता है। मान्यता है कि यह क्षेत्र कभी दारा शिकोह की राजधानी रहा था, जिसके चलते समीप बहने वाली नदी को दारा पहाड़ी नदी कहा जाता है। मंदिर का निर्माण थारू जनजाति के सरदारों द्वारा सैकड़ों वर्ष पूर्व कराया गया था, जबकि वर्ष 2001 में इसका जीर्णोद्धार कराया गया। नवरात्र के अवसर पर यहां भव्य मेला लगता है, जिसमें बड़ी संख्या में श...